Kaidi aur Kokila Class 9 Hindi Kshitij Chapter 10 Question Answers PDF

Kaidi aur Kokila Class 9 एक दुख भरी कविता है। यह जेल में बंद कवि और आजाद कोयल की कहानी बताती है। Kaidi aur Kokila class 9 question answers पढ़कर तुम्हें स्वतंत्रता की लड़ाई समझ आएगी। Kaidi aur Kokila class 9 summary और Kaidi aur Kokila class 9 व्याख्या से परीक्षा आसान हो जाएगी।

Also Read: Class 9 Hindi Kshitij Chapter 1 दो बैलों की कथा

Class 9 Hindi Chapter 10 Kaidi aur Kokila Sub Topics

Kaidi aur Kokila Class 9 कविता जेल के दर्द और कोयल की आजादी की तुलना करती है। ये भाग कवि के मन की बात दिखाते हैं। छात्रों को देशभक्ति सीख मिलेगी।

उपशीर्षक

कहानी/विचार का नाम मुख्य सीख/संदेश

कोयल की पुकार

जेल में कोयल की बोली आजादी की चाह हर दिल में है

कवि का दर्द

भूख और जेल की सजा गुलामी का कष्ट सहना पड़ता है
कोयल से सवाल क्यों चुप हो गई

डर से आवाज दब जाती है

पुरानी यादें

मीठे गीतों की स्मृति

आजादी में खुशी होती है

देशभक्ति का आह्वान

स्वतंत्रता की ज्वाला

लड़ना ही रास्ता है

Also Read: Class 9 Hindi Kshitij Chapter 2 ल्हासा की ओर

Chapter 10 Kaidi aur Kokila Class 9 Question Answers

Kaidi aur Kokila Class 9 kavita में NCERT के सभी सवालों के लंबे सरल उत्तर हैं। हर बात को अच्छे से समझाया है। परीक्षा में ये पूरे नंबर दिलाएंगे।

Q1. कोयल की कूक सुनकर कवि की क्या प्रतिक्रिया थी?

Ans. कोयल की कूक सुनकर कवि का दिल बैठ गया। उसे लगा कि कोयल आजादी की बात कर रही है लेकिन खुद जेल की चारदीवारी में कैद है। कवि बार-बार कोयल से बोलो-बोलो कहता है जैसे कोई बच्चा अपनी माँ से रो-रोकर कहता है। जेल की काली दीवारें कोयल की आवाज को दबा देती हैं जिससे कवि और दुखी हो जाता है। वह सोचता है कि कोयल का गीत क्यों रुक गया और क्या संदेश देना चाहती है। यह आवाज कवि के पुराने खुश दिनों की याद दिला देती है जब कोयल के गीत बगीचों में गूँजते थे। कवि की प्रतिक्रिया दर्द और उम्मीद का मिश्रण है।

Q2. कवि ने कोकिल के बोलने के किन कारणों की संभावना बताई?

Ans. कवि ने कई कारण सोचे कि कोयल क्यों बोल रही है। पहला कारण भूख हो सकता है क्योंकि जेल के आसपास खाने की कमी है और कोयल तड़प रही होगी। दूसरा कारण कोई गुप्त संदेश देना जैसे स्वतंत्रता की खबर। तीसरा डर से बोल रही हो क्योंकि अंग्रेज सिपाही आसपास घूमते हैं। कवि सोचता है कि बुरे समय में कोयल दुखी होकर चिल्ला रही है। शायद कोयल जेल की जंजीरें देखकर डर गई हो। हर कारण कवि को अपनी कैद की याद दिलाता है। कोयल चुप हो जाती है तो कवि और बेचैन हो जाता है। ये कारण कवि के मन की कल्पना दिखाते हैं।

Q3. किस शासन की तुलना तम के प्रभाव से की गई है और क्यों?

Ans. अंग्रेज शासन की तुलना काले तम यानी घने अंधेरे से की गई है। तम सब कुछ ढक देता है जैसे रोशनी खत्म हो जाए। अंग्रेजों ने देश को भूख, गरीबी और जेलों के अंधकार में डुबो दिया। लोग खेतों में काम करते थे लेकिन फसल अंग्रेज ले जाते थे। जेलों में कड़ी सजाएँ दी जाती थीं। कवि कहता है यह काला समय है जिसमें कोई खुशी नहीं। तम ठंडा और डरावना होता है जैसे अंग्रेजों का राज। इसलिए तुलना बिलकुल सही है क्योंकि दोनों देश को निगल लेते हैं।

Q4. कविता के आधार पर पराधीन भारत की जेलों में दी जाने वाली यंत्रणाओं का वर्णन कीजिए।

Ans. पराधीन भारत की जेलें बहुत क्रूर थीं। कैदियों को कम रोटियाँ दी जाती थीं जिससे भूखा रहना पड़ता था। भारी पत्थर तोड़ने पड़ते थे या चक्की चलानी पड़ती थी। हथकड़ियाँ और जंजीरें हाथ-पैरों में बाँधी रहती थीं। रात में सोने नहीं देते थे सिपाही पहरा देते थे। स्वतंत्रता सेनानियों को कोड़े मारे जाते थे और गर्म लोहे से जलाया जाता था। कवि खुद पेट पर जुआ जैसा बोझ महसूस करता है। मन का दर्द भी कम न था क्योंकि घरवालों से मिलना बंद था। ये सजाएँ शरीर तोड़ती थीं और इरादा मजबूत बनाती थीं।

Q5. भाव स्पष्ट कीजिए- 

(क) मृदुल वैभव की रखवाली-सी, कोकिल बोलो तो!

(ख) हूँ मोट खींचता लगा पेट पर जूआ, खाली करता हूँ ब्रिटिश अकड़ का कूँआ।

Ans (क). यह पंक्ति कोयल को वसंत की कोमल सुंदरता की रखवाली करने वाली कहती है। मृदुल वैभव यानी नरम फूलों और हरियाली का धन। कवि कहता है बोलो तो सही जैसे तू इसकी पहरेदार हो। जेल में कवि को लगता है कोयल आजादी की रक्षा कर रही है। वसंत में कोयल गाती है तो सारी धरती खिल उठती है। कवि दुख से पूछता है क्योंकि खुद कैद है। भाव में प्रेम, दर्द और पुकार है।

Ans (ख). कवि कहता है मैं चक्की की मोट पीसता हूँ जैसे बैल। पेट पर जुआ बंधा है यानी भारी बोझ। अंग्रेजों का घमंड वाला कुआँ खोदकर खाली कर रहा हूँ। मतलब देश को आजाद करने की मेहनत। यह पंक्ति कवि के शारीरिक दर्द और देशभक्ति दिखाती है। जेल का काम सजा है लेकिन उद्देश्य बड़ा है।

Q6. अद्धरात्रि में कोयल की चीख से कवि को क्या अंदेशा है?

Ans. रात के डेढ़ बजे कोयल की तेज चीख सुनकर कवि को बड़ा डर लगता है। उसे अंदेशा होता है कि कोयल शायद सिपाहियों के हाथ लग गई हो। या जाल में फँस गई हो। कवि सोचता है कोयल दर्द में कराह रही है। जेल के चारों तरफ तारबारी है तो कोयल कैसे चिल्ला रही। यह चीख कवि को नींद उड़ा देती है। अंदेशा इतना गहरा है कि कवि खुद बेचैन हो जाता है। कोयल की आजादी पर भी खतरा लगता है।

Q7. कवि को कोयल से ईर्ष्या क्यों हो रही है?

Ans. कवि को कोयल से जलन इसलिए हो रही क्योंकि कोयल बिलकुल आजाद है। वह आकाश में उड़ सकती है, पेड़ पर बैठ सकती है लेकिन कवि जंजीरों में जकड़ा है। कोयल गीत गा सकती है जबकि कवि चुप रहने को मजबूर है। पुराने दिनों में कोयल के गीत कवि को खुश करते थे अब वही गीत दर्द देते हैं। कोयल भाग्यशाली है जो डर के बावजूद बोल सकती है। कवि सोचता है कोयल को जेल का दर्द नहीं पता। ईर्ष्या में देशभक्ति भी छिपी है।

Q8. कवि के स्मृति पटल पर कोयल के गीतों की कौन सी मधुर स्मृतियाँ अंकित हैं, जिन्हें वह अब नष्ट करने पर तुली है?

Ans. कवि को याद हैं बचपन के वसंत जहाँ कोयल बगीचों में मीठे गीत गाती थी। घर की छत पर बैठकर कोयल सुनते थे सब खुश होते थे। गीतों में बस्ती की हँसी, फूलों की महक थी। अब कोयल डर से वे गीत भूल रही है। कवि कहता है अपनी स्मृतियों को मत नष्ट कर। ये गीत स्वतंत्र भारत का सपना हैं। कोयल नष्ट करने पर तुली है क्योंकि समय काला है। स्मृतियाँ मन के पर्दे पर चित्र बनी हैं।

Q9. हथकड़ियों को गहना क्यों कहा गया है?

Ans. हथकड़ियों को गहना इसलिए कहा क्योंकि स्वतंत्रता सेनानियों के लिए ये देशभक्ति का सोना था। जेल जाना सम्मान की बात थी। हथकड़ियाँ अंग्रेजों को ललकारने का चिन्ह हैं। कवि व्यंग्य करता है कि ये आभूषण पहने देश सेवा कर रहे हैं। असल में ये लोहे की जंजीरें दर्द देती हैं लेकिन गर्व बढ़ाती हैं। माता के हाथों में चूड़ियाँ जैसे ये सेनानी के गले में माला हैं। समाज इन्हें हीरा मानता था।

Q10. ‘काली तू ऐ आली!’ – इन पंक्तियों में ‘काली’ शब्द की आवृत्ति से उत्पन्न चमत्कार का विवेचन कीजिए।

Ans. ‘काली’ शब्द बार-बार आकर कोयल को पुकारता है जैसे कोई दुखी बच्चा माँ को बुलाता है। यह अनुप्रास बनाता है जो कानों में गूँजता रहता है। चमत्कार यह है कि ‘काली’ कोयल के रंग, काले समय और दर्द तीनों को जोड़ देता है। पुकार में प्रेम, गुस्सा और व्यंग्य है। पाठक भावना से भर जाता है। शब्द की दोहराहट कवि की बेचैनी दिखाती है। सुंदर चमत्कार है।

Q11. काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए- 

(क) किस दावानल की ज्वालाएँ हैं दीखीं?

(ख) तेरे गीत कहावें वाह, रोना भी है मुझे गुनाह! देख विषमता तेरी मेरी बजा रही तिस पर रणभेरी!

Ans (क). दावानल यानी जंगल की भयंकर आग की ज्वालाएँ स्वतंत्रता संग्राम की हैं। पूरे देश में क्रांति की चिंगारियाँ भड़क रही थीं। कोयल ने ये ज्वालाएँ देखीं जो गुलामी जला रही थीं। सौंदर्य जोश, बलिदान और उजाले का है। आग डरावनी लेकिन मुक्ति देने वाली। कवि ने चित्र खींचा है।

Ans (ख). कोयल के गीत तो वाह-वाह कहलाते हैं लेकिन कवि रोना चाहता है जो अपराध लगता है। तेरी आजादी और मेरी कैद का फर्क दिखा रही। फिर भी लड़ाई की तुरही बजा रही। सौंदर्य विरोधाभास में है, दर्द में प्रेरणा। भाव गहरा और शक्तिशाली।

Q12. कवि जेल के आसपास अन्य पक्षियों का चहकना भी सुनता होगा लेकिन उसने कोकिला की ही बात क्यों की है?

Ans. अन्य पक्षी तो रोज चहकते हैं लेकिन कोयल विशेष है क्योंकि उसके गीत वसंत और आजादी के प्रतीक हैं। कोयल का गान क्रांति जगाता है। कवि कोयल से बात करता क्योंकि वह पुरानी खुशियाँ याद दिलाती है। अन्य पक्षी साधारण हैं कोयल जेल के दर्द को उजागर करती है। कोयल की चुप्पी कवि को चुभती है। इसलिए सिर्फ कोयल।

Q13. आपके विचार से स्वतंत्रता सेनानियों और अपराधियों के साथ एक सा व्यवहार किया जाता होगा?

Ans. हाँ, अंग्रेजों ने दोनों को बराबर सजा दी। सेनानियों को चोरों जैसा खाना, जेल और काम दिया। इससे अपमान होता था लेकिन सेनानी गर्व से सहते। भोजन एक रोटी, सोना जमीन पर। आज सोचना चाहिए कि न्याय सबके साथ बराबर हो। गलत था वह व्यवहार।

Also Read: Class 9 Hindi Kshitij Chapter 11 Gram Shree

Kaidi aur Kokila Class 9 Summary

Find below the summary of Kaidi aur Kokila Class 9 Kavita:

कोयल की पुकार: कवि जेल में कोयल की बोली सुनता है। वह बार-बार बोलने को कहता है। कोयल चुप हो जाती है। कवि दुखी होता है।

कवि का दर्द: भूख लगी है, काम करवाया जाता है। अंग्रेज शासन काला तम है। जेल कठोर है।

कोयल से सवाल: कोयल क्यों चुप, क्या डर गई। रात में चीख सुनाई देती है। स्वतंत्रता की आग दिखी।

पुरानी यादें: कोयल के मीठे गीत याद आते हैं। अब नष्ट हो रहे। कवि ईर्ष्या करता है।

देशभक्ति का आह्वान: गीत गाओ, लड़ाई लड़ो। विषमता दिखाकर रणभेरी बजा।

पूरी कविता गुलामी के दर्द और आजादी की पुकार जोड़ती है। Kaidi aur Kokila kavita देशभक्ति सिखाती है। कवि कोयल से प्रेरणा लेता है।

Also Read: Class 9 Hindi Kshitij Chapter 12 Megh Aaye

Kaidi aur Kokila Class 9 Question Answer PDF

Kaidi aur Kokila Class 9 PDF छात्रों के लिए बहुत अच्छा है। यह ब्लॉग पीडीएफ रूप में मिलेगा। इससे सारे सवाल घर पर हल हो जाएंगे और परीक्षा की तैयारी मजबूत होगी।

How to Learn Kaidi aur Kokila Class 9 Kavita Easily

ये तरीके Kaidi aur Kokila Class 9 Kavita याद रखने में मदद करेंगे। रोज थोड़ा अभ्यास करो। परीक्षा में घबराहट न हो।

  • भागों में तोड़ो: कविता को सवाल-जवाब भाग बनाओ। पहले पुकार पढ़ो फिर दर्द।
  • मुख्य बातें नोट करो: कोयल की चुप्पी, जेल का कष्ट लिखो। दोहराओ।
  • सवाल दोहराओ: Kaidi aur Kokila question answer class 9 खुद हल करो।
  • अपने शब्दों में कहो: दोस्त को कवि का दर्द सुनाओ।
  • जीवन से जोड़ो: आजादी के सेनानियों की कहानी सोचो।

Also Read: Class 9 Hindi Kshitij Chapter 13 Bacche Kaam Par Ja Rahe Hain

Kaidi aur Kokila Class 9 FAQs

Q1. इस चैप्टर में कितने मुख्य भाग हैं?

Ans. पाँच मुख्य भाग हैं जैसे पुकार, दर्द, सवाल। ये कविता को पूरा करते हैं।

Q2. कविता का मुख्य संदेश क्या है?

Ans. गुलामी में भी देशभक्ति रखो। कोयल से प्रेरणा लो।

Q3. सबसे महत्वपूर्ण भाग कौन सा है?

Ans. अंत का आह्वान जहाँ रणभेरी बजती है। लड़ाई का संदेश।

Q4. कविता किस समय की है?

Ans. स्वतंत्रता संग्राम के समय की। जेल का दर्द दिखाती।

Q5. Kshitij class 9 Kaidi aur Kokila question answer कैसे मिलेंगे?

Ans. इस ब्लॉग में सभी हैं। Kaidi aur Kokila pdf डाउनलोड करो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *