Gram Shree Class 9 Question Answers एक बहुत ही सुंदर कविता है। यह कविता गाँव की हरी-भरी खूबसूरती बताती है। gram shree class 9 question answers पढ़कर तुम्हें गाँव के फूल, फल और खेतों की पूरी कहानी समझ आएगी। gram shree class 9 summary और gram shree class 9 व्याख्या से परीक्षा आसान हो जाएगी।
Class 9 Hindi Chapter 11 Gram Shree Sub Topics
यह Class 9 Hindi Chapter 11 Gram Shree kavita एक ही है लेकिन इसमें गाँव के अलग-अलग दृश्य हैं। ये दृश्य गाँव की सुंदरता दिखाते हैं। छात्र इनसे प्रकृति का प्यार सीखेंगे।
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उपशीर्षक |
कहानी/विचार का नाम | मुख्य सीख/संदेश |
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खेतों की हरियाली |
मखमल जैसी घास और ओस | प्रकृति की कोमलता से खुश रहना |
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फसलों का सौंदर्य |
जौ, गेहूँ, सरसों | मेहनत से धरती सुंदर बनती है |
| फल और फूल | आम, बेर, टमाटर |
बसंत में सब कुछ खिलता है |
| गंगा तट |
रेत और पक्षी |
पानी और धरती का मेल सुंदर है |
| शीत का अंत | हरी डिब्बी सा गाँव |
शांति से मन हर लिया जाता है |
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Chapter 11 Gram Shree Class 9 Question Answers
Chapter 11 Gram Shree Class 9 Question Answers include all the NCERT Questions. हर उत्तर को अच्छे से समझाया गया है। परीक्षा में ये काम आएंगे।
Q1. कवि ने गाँव को ‘हरता जन मन’ क्यों कहा है?
Ans. कवि ने गाँव को ‘हरता जन मन’ इसलिए कहा क्योंकि गाँव की सारी सुंदर चीजें लोगों के दिल को छू लेती हैं। गाँव में हरे-हरे खेत फैले रहते हैं जो दूर तक नजर आते हैं। इनमें फूल खिले होते हैं, फल लगे रहते हैं और साफ नीला आकाश ऊपर छाया रहता है। सर्दी की धूप में सब चमकता है जैसे कोई राजा का महल हो। जब लोग शहर की भागदौड़ से थक जाते हैं तो गाँव आकर सुकून पाते हैं। यहाँ की शांति और हरियाली सबके मन को जीत लेती है। कवि कहते हैं कि गाँव ऐसा जादू करता है जो हर इंसान को अपना बना लेता है। इसलिए इसे जन मन हरता कहा।
Q2. कविता में किस मौसम के सौंदर्य का वर्णन है?
Ans. कविता में शीत ऋतु के खत्म होने और बसंत के शुरू होने के मौसम का सौंदर्य दिखाया गया है। सर्दियों के आखिरी दिनों में धूप हल्की-हल्की खिलती है जो हरियाली को चमका देती है। खेतों में ओस की बूँदें चाँदी की तरह झलकती हैं। बसंत आते ही फूल खिलने लगते हैं जैसे सरसों के पीले फूल और अलसी की नीली कलियाँ। आम के पेड़ चाँदी-सोने की कलियों से लद जाते हैं। कोयल की आवाज गूँजने लगती है। यह समय गाँव को सबसे ज्यादा हरा-भरा और खुशहाल बनाता है। कवि ने ठंडी रातों और सुबह की धूप का भी जिक्र किया है। पूरा मौसम ऐसा लगता है जैसे धरती मुस्कुरा रही हो।
Q3. गाँव को ‘मरकत डिब्बे सा खुला’ क्यों कहा गया है?
Ans. गाँव को ‘मरकत डिब्बे सा खुला’ इसलिए कहा गया क्योंकि चारों तरफ गहरी हरी घास फैली हुई है जैसे पन्ना यानी मरकत से भरा एक बड़ा डिब्बा खोल दिया हो। यह हरी घास मखमल की तरह नरम और चिकनी लगती है। ऊपर नीला आकाश चादर की तरह ओढ़े हुए है। जब सूरज की किरणें पड़ती हैं तो पूरा गाँव चमक उठता है। कोई दीवार या घर नहीं दिखता सिर्फ खुला मैदान। यह दृश्य इतना साफ और बड़ा होता है कि आँखें तृप्त हो जाती हैं। कवि को लगता है जैसे कोई खजाना खुल गया हो। इस तरह गाँव की खुली और हरी जगह सबको आकर्षित करती है।
Q4. अरहर और सनई के खेत कवि को कैसे दिखाई देते हैं? भाव स्पष्ट कीजिए।
Ans. अरहर और सनई के खेत कवि को सोने की किंकिणियों वाली करधनी जैसे दिखाई देते हैं। ये फसलें पीले फूलों से भरी होती हैं जो दूर से चमकती हैं। धरती पर ये फैली हुईं लगती हैं जैसे किसी ने कमर में सोने की घुंघरू बाँध लिए हों। हवा चलने पर फूल लहराते हैं और शोर जैसा लगता है। कवि कहते हैं कि धरती ने सोने की करधनी पहन ली है। यह भाव गाँव की समृद्धि दिखाता है। फसलें पककर तैयार हैं जो किसानों की मेहनत का फल हैं। पीला रंग बसंत का संकेत है। पूरा दृश्य खुशी और उल्लास से भरा होता है।
Q5. (क) बालू के साँपों से अंकित गंगा की सतरंगी रेती
(ख) हँसमुख हरियाली हिम-आतप सुख से अलसाए से सोए
Ans (क). यह पंक्ति गंगा नदी के किनारे की रेत का वर्णन करती है। रेत पर पानी की लहरें साँपों के फन जैसे निशान बना देती हैं। सूरज की सात रंगों वाली किरणें पड़ने पर रेत रंग-बिरंगी चमकती है। लाल, नीला, पीला सब दिखता है। यह दृश्य जादुई लगता है। गंगा का पानी शांत बहता है और रेत को सजाता है। कवि ने प्रकृति की इस कला को सराहा है।
Ans (ख). हरी घास सर्दी की ठंड और धूप के सुख से थककर खुशी से सो रही है। वह हँसमुख है यानी मुस्कुराती हुई। रात भर ओस से भीगी रहती है और सुबह धूप में लेटी रहती है। यह अलसाहट यानी सुस्ती आराम की निशानी है। घास सपनों में खोई लगती है। कवि ने प्रकृति को इंसान जैसा जीवंत दिखाया है।
Q6. निम्न पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
तिनकों के हरे हरे तन पर हिल हरित रुधिर है रहा झलक
Ans. इन पंक्तियों में उपमा अलंकार है। तिनकों यानी घास के पतले तनों पर ओस की हरी बूँदें लगती हैं जैसे हरा खून हो। हवा से ये हिलती हैं और झलकती हैं। कवि ने ओस को रुधिर यानी खून से तुलना की है। यह अलंकार प्रकृति को जीवंत बनाता है। पाठक को साफ चित्र बनता है। अनुप्रास भी है हरे-हरित से।
Q7. इस कविता में जिस गाँव का चित्रण हुआ है वह भारत के किस भू-भाग पर स्थित है?
Ans. यह गाँव भारत के उत्तर भाग के गंगा मैदान पर स्थित है। गंगा नदी का जिक्र है और उसकी रेत सतरंगी है। यहाँ जौ, गेहूँ, सरसों जैसी फसलें उगती हैं। अरहर-सनई भी मैदानी इलाके की हैं। तरबूज की खेती नदी किनारे होती है। उत्तर प्रदेश या बिहार जैसे इलाके याद आते हैं। मिट्टी उपजाऊ है और मौसम शीत-बसंत का है।
Q8. भाव और भाषा की दृष्टि से आपको यह कविता कैसी लगी? उसका वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
Ans. भाव की दृष्टि से कविता बहुत प्यारी लगी क्योंकि इसमें गाँव की हर छोटी-बड़ी चीज को इतना जीवंत दिखाया है कि मन प्रसन्न हो जाता है। प्रकृति का प्यार और शांति का संदेश मिलता है। भाषा बहुत सरल और चित्रकारी वाली है जैसे मखमल हरियाली या सोने की करधनी। शब्दों से आँखों के सामने पूरा गाँव घूम जाता है। पढ़ते हुए शहर की गर्मी भूल जाती है। कविता छोटी है लेकिन गहरा असर छोड़ती है। परीक्षा के लिए भी आसान है।
Q9. आप जहाँ रहते हैं उस इलाके के किसी मौसम विशेष के सौंदर्य को कविता या गद्य में वर्णित कीजिए।
Ans. दिल्ली में मानसून का मौसम बहुत सुंदर लगता है। बारिश की बूँदें तेज गिरती हैं और सड़कें चमक उठती हैं। पार्कों में हरी घास लहलहाती है। पेड़ों पर नई पत्तियाँ आ जाती हैं। ठंडी हवा चलती है जो गर्मी को भगा देती है। शाम को इंद्रधनुष निकल आता है। बच्चे पानी में खेलते हैं। पूरा इलाका ताजा हो जाता है। बारिश गर्मियों को धो देती है।
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Gram Shree Class 9 Summary
Get below the Gram Shree class 9 summary according to sub topics covered in this chapter:
खेतों की हरियाली: खेतों में दूर तक मखमल जैसी हरी घास फैली है। ओस पर सूरज की किरणें चाँदी की जाली बनाती हैं। तिनकों पर हरी ओस खून जैसी झलकती है। नीला आकाश धरती पर झुका हुआ लगता है।
फसलों का सौंदर्य: जौ-गेहूँ की बालियाँ लहराती हैं। अरहर-सनई सोने की किंकिणियाँ हैं। सरसों पीली फूलों से महकती है। अलसी नीली कलियाँ दिखाती है।
फल और फूल: मटर की फलियाँ मखमल के डिब्बे हैं। तितलियाँ फूलों पर उड़ती हैं। आम चाँदी-सोने की कलियों से लदे हैं। कोयल गाती है। बेर-अमरूद पकते हैं। पालक-टमाटर लहलहाते हैं।
गंगा तट: रेत साँपों के निशान वाली सतरंगी है। तरबूज की खेती सुंदर है। बगुले कंघी करते हैं। चकवे तैरते हैं।
शीत का अंत: हरी घास धूप में सोई है। गाँव पन्ने का डिब्बा खुला सा है। नीला आकाश ढका है। शांति सबका मन हर लेती है।
पूरी कविता गाँव को एक सुंदर चित्र बनाती है। शीत से बसंत आते देख प्रकृति जीवंत हो उठती है। gram shree kavita गाँव की श्रीमतता दिखाती है।
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Gram Shree Class 9 Question Answer PDF
Gram Shree Class 9 Question Answers PDF बहुत उपयोगी है। यह ब्लॉग पीडीएफ रूप में मिलेगा। इससे घर पर पढ़ाई आसान होगी और परीक्षा के सभी सवाल हल हो जाएंगे।
How to Learn Gram Shree Class 9 Kavita Easily
ये तरीके कविता याद रखने में मदद करेंगे। हर बिंदु को आजमाओ। रोज थोड़ा पढ़ो तो परीक्षा में डर नहीं लगेगा।
- भागों में तोड़ो: कविता को 4-5 छोटे भाग बनाओ। पहले खेत पढ़ो फिर फसलें। हर भाग अलग समझो।
- मुख्य बातें नोट करो: हर छंद की मुख्य लाइन लिखो जैसे मखमल हरियाली। इन्हें दोहराओ।
- सवाल दोहराओ: gram shree question answer class 9 के सवाल पढ़ो। उत्तर खुद लिखो।
- अपने शब्दों में कहो: कविता को अपनी भाषा में दोस्त को सुनाओ। इससे याद रहेगी।
- जीवन से जोड़ो: गाँव जाकर देखो या याद करो। खेतों की हरियाली सोचो।
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Gram Shree Class 9 FAQs
Q1. इस चैप्टर में कितने मुख्य दृश्य हैं?
Ans. चार-पाँच मुख्य दृश्य हैं जैसे खेत, फसलें, फल, गंगा तट। ये गाँव की पूरी तस्वीर बनाते हैं।
Q2. कविता का मुख्य संदेश क्या है?
Ans. गाँव की प्रकृति सबका मन हर लेती है। प्रकृति से प्यार करो और उसकी सुंदरता देखो।
Q3. सबसे महत्वपूर्ण भाग कौन सा है?
Ans. अंत का भाग जहाँ गाँव पन्ने का डिब्बा कहा गया। यह पूरी सुंदरता जोड़ता है।
Q4. कविता किस ऋतु की है?
Ans. शीत के अंत और बसंत की शुरुआत की। फूल खिलने का समय।
